सावन पुत्रदा एकादशी श्रावण मास की अंतिम एकादशी है। इस बार सावन पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त और 24 अगस्त दो दिन है। इसमें भी हरिवासर का समापन सूर्योदय के बाद हो रहा है। ऐसे में लोगों को इस बात का कन्फ्यूजन है कि सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत किस दिन रखा जाए। जब भी दो दिन की एकादशी होती है तो व्रत वाले दिन को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। आइए जानते हैं कि सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत किस तारीख को रखना है? पूजा का मुहूर्त और पारण समय क्या है?
सावन पुत्रदा एकादशी व्रत 23 या 24 अगस्त?
व्रत की तारीख में जब कन्फ्यूजन हो तो आपको पंचांग की मदद से तिथि के सही समय और हरिवासर के समय को देखना चाहिए। पंचांग के अनुसार, सावन पुत्रदा एकादशी के लिए जरूरी श्रावण शुक्ल एकादशी तिथि 23 अगस्त को 02:00 ए एम से लेकर 24 अगस्त को 04:18 ए एम तक रहेगी।
व्रत के लिए उदयातिथि की मान्यता है। इस आधार पर सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त को है, लेकिन हरिवासर 24 अगस्त को सुबह 10:49 ए एम तक है। हरिवासर जब तक खत्म नहीं होता है, तब तक व्रती पारण नहीं कर सकते हैं।
हरिवासर की वजह से यह व्रत दो दिनों का होगा। 23 अगस्त को गृहस्थ लोग सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत रखेंगे और 24 अगस्त को वैष्णव लोगों को व्रत रखना है। जो लोग 23 अगस्त को व्रत रखेंगे, उनका पारण 24 अगस्त को हरिवासर खत्म होने के बाद दोपहर के समय होगा, वहीं 24 अगस्त को व्रत रखने वाले लोग 25 अगस्त को सूर्योदय के बाद पारण करेंगे।
दरअसल वैष्णव लोग द्वादशी तिथि के खत्म होने से पूर्व और सूर्योदय के बाद पारण करते हैं। अगर वे 23 अगस्त को सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत रखते हैं तो 24 अगस्त को पारण सूर्योदय के बाद नहीं कर सकेंगे क्योंकि हरिवासर सूर्योदय के बाद खत्म हो रहा है। ऐसे में उनका व्रत 48 घंटे का हो जाएगा। इस वजह से सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत दो दिन का है।
सावन पुत्रदा एकादशी 2026 मुहूर्त
23 अगस्त को सावन पुत्रदा एकादशी की पूजा का मुहूर्त सुबह में 07:32 ए एम से लेकर दोपहर 12:24 पी एम तक है। वहीं 24 अगस्त को पूजा का मुहूर्त सुबह में 05:55 ए एम से 07:32 ए एम तक और फिर 09:09 ए एम से 10:46 ए एम तक है।
23 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त 04:26 ए एम से 05:10 ए एम तक और अभिजीत मुहूर्त 11:58 ए एम से दोपहर 12:49 पी एम तक रहेगा। वहीं 24 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त 04:27 ए एम से 05:11 ए एम तक है, जबकि अभिजीत मुहूर्त 11:57 ए एम से दोपहर 12:49 पी एम तक रहेगा।
23 अगस्त को राहुकाल शाम में 05:15 पी एम से 06:53 पी एम तक रहेगा, वहीं 24 अगस्त को राहुकाल सुबह में 07:32 ए एम से 09:09 ए एम तक है।
सावन पुत्रदा एकादशी 2026 पारण
24 अगस्त को पारण का समय दोपहर में 01:41 बजे से शाम 04:16 बजे तक है, वहीं 25 अगस्त को व्रत का पारण सुबह 05:55 बजे से सुबह 06:20 बजे के बीच होगा। उस दिन पारण के लिए आपको केवल 25 मिनट का ही समय प्राप्त होगा क्योंकि उसके बाद द्वादशी तिथि का समापन हो जाएगा और त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी।
सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत क्यों रखते हैं?
जो लोग उत्तम संतान प्राप्ति की चाह रखते हैं, उनको सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत करना चाहिए। जिनकी संतान हैं, वे उनकी उन्नति के लिए यह व्रत कर सकते हैं। बाकी लोग इस व्रत को करके भगवान विष्णु की कृपा से पाप मुक्त होते हैं, जीवन के अंत में मोक्ष की चाह रखते हैं।


