छत्तीसगढ़ की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव: अदालतों और एफआईआर से हटेंगे ‘रखैल’व‘चरित्रहीन’ जैसे शब्द,गवाहों को मिलेगा ‘मेहमान’ का दर्जा

Ramesh agrawal
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खबर वर्ल्ड न्यूज सर्विस-शिव तिवारी-बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्याय व्यवस्था, पुलिस प्रशासन और अदालतों की कार्यशैली में एक बड़ा संवेदनशील बदलाव लागू होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत बिलासपुर हाई कोर्ट ने राज्य की सभी जिला अदालतों, पुलिस विभाग और संबंधित प्रशासनिक अंगों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यौन उत्पीड़न व संवेदनशील मामलों की सुनवाई के दौरान पीड़ित और गवाहों की गरिमा बनाए रखना तथा कानूनी दस्तावेजों से रूढ़िवादी और आपत्तिजनक भाषा को पूरी तरह समाप्त करना है!

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