पुणे इंद्राणी बालन सांइस एक्विविटी सेंटर में शिक्षकों के क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन ....
" छत्तीसगढ़ राज्य के 100 शिक्षक कार्यशाला में हुए शामिल"
रायपुर ।मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, शिक्षामंत्री के निर्देशन, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. कमलप्रीत सिंह, आयुक्त समग्र शिक्षा श्रीमती किरण कौशल के कुशल मार्गदर्शन व राज्य समन्वयक समग्र शिक्षा आशीष गौतम के संयोजन में, केंद्र शासन की महात्वाकांक्षी योजना पीएमश्री अंतर्गत "राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षकों के क्षमता संवर्धन कार्यशाला" कार्यक्रम के तहत "भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER PUNE) पुणे स्थित श्री
मती इंद्राणी बालन साइंस एक्टिविटी सेंटर" में चार दिवसीय कार्यशाला में राज्य के 100 शिक्षकों ने भाग लिया जिसमें सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का श्री महेन्द्र कुमार राठौर पीएमश्री बालक सरिया, सुश्री किरण सिदार पीएमश्री केंदवाही बार बरमकेला, रोहित कुमार निराला (प्र.पा.) पीएमश्री प्राथ.शाला हिर्री सारंगढ़ और रामप्यारा जायसवाल पीएमश्री अमोदी बिलाईगढ़ के शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यशाला में भारतीय विज्ञान शिक्षक खिलौनो के आविष्कारक लेखक पद्मश्री विभूषित अरविंद गुप्ता जी का आगमन हुआ उन्होंने छत्तीसगढ़ को याद करते हुए बताया कि वे दल्ली राजहरा, बालोद, राजनांदगांव, मानपूर- मोहला जैस क्षेत्रों में मजदूर आधिकारों के समर्थक "शंकर गुहा नियोगी" के साथ चार वर्षों तक कार्य किया है।
उन्होंने शिक्षकों को प्रचलित शिक्षा पद्धति से हट कर बालमनोविज्ञान के अनुरूप शिक्षा देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा " जिंदगी में मुझे आज तब कोई खराब बच्चा नहीं मिला " अक्सर हमारे स्कूल ही बच्चों को खराब कर देते है उन्होंने 'गिजुभाई बधेका' के दिवास्वप्न , तोतो चान के ट्रेन स्कूल (टोमोय गाकुन), समर हिल्स जैसे स्कूल बनाने को प्रेरित किया साथ ही कागज ,प्लास्टिक स्ट्रा, धागे, दूध -ज्यूस जैसे टेट्रापैक, कोल्ड्रिंक के डिब्बे, माचिस की तिल्ली, रद्दी कागज जैसे बेकार और कचरा समझे जाने वाले सामग्रियों से बेहतरीन वैज्ञानिक खिलौना बना के दिखाए एवं शिक्षकों को "कबाड़ से जुगाड़" करने से न झिझकने एवं कचरे से दूरी बनाने से बचने कहा क्योंकि छात्र अपने शिक्षकों का अनुकरण करते है । साथ ही उन्होंने कहा कि स्कूल वही अच्छा है जहाँ आते वक्त बच्चे खुशी से झूमते आये और जाते वक्त स्कूल को छोड़ने का मन ना हो ।
कार्यशाला का उद्घाटन प्रोफेसर देवप्रिया चटोपाध्याय डीन अंतरराष्ट्रीय संबंध व जन-संपर्क IISER PUNE और आशीष गौतम राज्य समन्वयक पीएमश्री समग्र शिक्षा के संदेश से हुआ । ट्रेनिंग समन्वयक अनुराग जॉन एवं भागवत साहू ने समग्र शिक्षा का संदेश कार्यशाला से अपेक्षाओं के बारे में विस्तार से बात की साथ ही शिक्षकों से कहा की हम सब एक बड़े उद्देश्य को लेकर यह प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं यहाँ से प्राप्त ऊर्जा से हम अपने विद्यालयों में विज्ञान गणित की चेतना का विकास करेंगे। यहाँ प्राप्त व्यावहारिक व क्रियाशील प्रशिक्षण से शिक्षा के नई दृष्टीकोण का विकास करेंगे।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक एवं तार्किक चिंतन, नवाचार तथा आधुनिक शिक्षण-पद्धतियों के प्रति समझ एवं दक्षता का विकास करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों, प्रयोगात्मक कार्यों तथा विषय-विशेषज्ञों द्वारा आयोजित विषय-वस्तु आधारित सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को समृद्ध एवं उपयोगी शैक्षणिक अनुभव प्रदान किया गया। शिक्षकों को कक्षा-कक्ष में कंप्यूटेशनल थिंकिंग, कहानी के माध्यम से विषयवस्तु को रोचक प्रभावपूर्ण एवं जिज्ञासा वर्धक बनाना गतिविधियों के माध्यम से गणित को समझना, खिलौनों के माध्यम से विज्ञान को समझना, बदलाव का जादू एवं तर्क, गतिविधि-आधारित शिक्षण-पद्धति में मूल्यांकन तथा अन्य महत्वपूर्ण शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया।
शिक्षकों ने विज्ञान केन्द्र पिंपली चिंचवाड़ एवं उसके अंदर आईसर पुणे द्वारा स्थापित "कल्पगृह" का भ्रमण किया। यहाँ उन्होंने जाना कि आसान गतिविधियों के माध्यम से समाज में विज्ञान के कठिनाई से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। हैंडसऑन गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान, गणित की अवधारणाओं से बच्चों को परिचित करना है। शिक्षकों ने ऑटोमोबाइल उद्योग की बारीकियों को समझा, 3 डी मूवी के माध्यम से मनुष्यों द्वारा किस प्रकार प्रकृति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है यह जाना। तारांगण के माध्यम से दिन में तारे देखे व ग्रहों नक्षत्रों के माध्यम से दिशा देखने के तरीकों और सौरमंडल की बारीकियों को जाना।
ट्रेनिंग कार्यक्रम को सफल एवं सुचारू बनाने हेतु अशोक रूपनर सीनियर टेक्निकल ऑफिसर, अंकिश त्रिपुड़े एवं टीम श्रीमती इंद्राणी बालन साइंस एक्टिविटी सेंटर IISER पुणे ने काम किया वहीं समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ से ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर के रूप में अनुराग जॉन एवं भागवत साहू उपस्थित रहे।

