छत्तीसगढ़ के लाखों राशन कार्डधारकों के लिए अच्छी खबर है। अब सरकारी राशन दुकानों से मिलने वाला चावल पहले से बेहतर क्वालिटी का होगा।
केंद्र सरकार के नए निर्देश के बाद राशन में मिलने वाले चावल में कनकी (ब्रोकन राइस) की मात्रा 25 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दी गई है। यानी अब लोगों को कम टूटा हुआ और बेहतर चावल मिलेगा। यह नई व्यवस्था 2026-27 से लागू की जाएगी।
पहले 25 फीसदी कनकी वाला चावल मिलता था
अब तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले चावल में 25 फीसदी तक कनकी होती थी। इसकी वजह से कई लोगों की शिकायत रहती थी कि चावल ज्यादा टूटा हुआ मिलता है। अब नए नियम के बाद कनकी सिर्फ 10 फीसदी रहेगी। इससे राशन में मिलने वाले चावल की क्वालिटी पहले से बेहतर होगी।
खाद्य विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए चावल वितरण की नई योजना तैयार कर ली है। इसके तहत इस साल राज्य में 17.32 लाख मीट्रिक टन चावल का उठाव किया जाएगा। विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का मकसद लोगों तक बेहतर क्वालिटी का चावल पहुंचाना है!
FCI में जमा होगा उसना और अरवा चावल
नई योजना के तहत करीब 10 लाख मीट्रिक टन उसना (बॉयल्ड) चावल भारतीय खाद्य निगम (FCI) में जमा किया जाएगा। वहीं करीब 5 लाख मीट्रिक टन अरवा चावल भी FCI को दिया जाएगा। इससे चावल के भंडारण और वितरण की व्यवस्था भी मजबूत होगी।
लाखों परिवारों को मिलेगा फायदा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेश के लाखों परिवारों को पहले की तुलना में बेहतर क्वालिटी का चावल मिलेगा। कम कनकी होने से चावल साफ और अच्छा होगा। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से राशन व्यवस्था में लोगों का भरोसा और मजबूत होगा और उन्हें पहले से बेहतर अनाज मिलेगा।

