
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार बिजली भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है, राज्य के सभी सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शन 1 अगस्त 2026 से प्रीपेड प्रणाली पर संचालित नई व्यवस्था के तहत सरकारी कार्यालयों में बिजली आपूर्ति मोबाइल रिचार्ज की तरह अग्रिम राशि जमा करने के बाद ही जारी रहेगी,छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने इस नई व्यवस्था की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पहले यह योजना केवल करीब 45 हजार ब्लॉक स्तरीय कनेक्शनों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर करीब 1.5 लाख सरकारी बिजली कनेक्शनों पर लागू किया जा रहा है,बिजली वितरण कंपनी के अनुसार, सरकारी विभागों पर मई 2026 तक लगभग 3,500 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। जून और जुलाई के बिल जुड़ने के बाद यह राशि करीब 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। नई व्यवस्था में जुलाई तक का पुराना बकाया अलग रखा जाएगा, जबकि 1 अगस्त से बिजली आपूर्ति पूरी तरह अग्रिम भुगतान के आधार पर होगी, पुराने बकाया का भुगतान राज्य सरकार किस्तों में करेगी।

नई प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए सभी सरकारी विभागों को अलग-अलग यूनिक कोड आवंटित किए गए हैं,प्रत्येक विभाग में भुगतान और समन्वय के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं,जिला स्तर पर विभागों के औसत मासिक बिजली बिल का आकलन कर अग्रिम राशि तय की जा रही है, अधिकारियों को नई व्यवस्था की जानकारी देने के लिए संचालनालय में तीन दिवसीय विशेष शिविर भी आयोजित किया गया है,सीएसपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि सभी विभागों को यूनिक कोड जारी कर दिए गए हैं, यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर तीन माह के औसत बिजली बिल के बराबर अग्रिम राशि जमा कर दी जाती है, तो 1 अगस्त 2026 से सभी सरकारी बिजली कनेक्शन प्रीपेड व्यवस्था के तहत संचालित होने लगेंगे,सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से सरकारी विभागों में बढ़ते बिजली बिल बकाया पर नियंत्रण होगा, समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा,और बिजली वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी एवं सुब्यवस्थित बन सकेगी।
