पवित्र सावन में भगवान भोलेनाथ शिवलिंग का जलाभिषेक में जल, दूध, शहद, बेलपत्र में पहले क्या चढ़ाएं,सही क्रम क्या है!

Ramesh agrawal
0



सावन माह में भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे आसान उपाय जलाभिषेक करना है। जलाभिषेक यानि पवित्र जल से भगवान ​शिव का अभिषेक। जलाभिषेक में गंगाजल, पवित्र जल, दूध, शहद, बेलपत्र, अक्षत् आदि का भी उपयोग होता है। लेकिन सवाल यह है कि जलाभिषेक में इन वस्तुओं का सही क्रम क्या है? पहले गंगाजल या पवित्र जल अर्पित करते हैं या फिर गाय का कच्चा दूध या शहद? आज सावन का पहला दिन है, ऐसे में आपको जलाभिषेक करना है तो इसके सही क्रम को जान लें?
जलाभिषेक का सही क्रम क्या है?
जलाभिषेक के लिए सबसे पहले एक लोटा लें। उसमें आप पवित्र जल या गंगाजल भर लें। इसके बाद जल में अक्षत् डालें। फिर सफेद चंदन, गाय का कच्चा दूध, शहद आदि डाल लें। फिर उस पवित्र जल से शिवलिंग का जलाभिषेक करें। उस दौरान ओम नम: शिवाय मंत्र का उच्चारण करें। उसके बाद पूजा सामग्री अर्पित करते हैं।
हर सामग्री किस क्रम से चढ़ानी चाहिए?
शिव पूजा में सबसे पहले जलाभिषेक करें। आप चाहें तो केवल गंगाजल या पवित्र जल से भी जलाभिषेक कर सकते हैं।
इसके बाद पंचामृत से शिव​लिंग का अभिषेक कराएं। फिर जल से शिवलिंग का जलाभिषेक करें ताकि पंचामृत के दूध, दही, घी, शहद और शक्कर आदि शिवलिंग से हट जाए। शिवलिंग को कपड़े से साफ कर दें।
अब आप चंदन, भस्म आदि से महादेव का श्रृंगार करें। उनको त्रिपुंड लगाएं।
इसके बाद अक्षत्, बेलपत्र, धतूरा, फूल शिवलिंग पर अर्पित करें। मौसमी फल और मिठाई का भोग लगाएं।
पूजा का समापन शिव जी की आरती से करें। शिवलिंग की पूरी परिक्रमा न करें। शिवलिंग की आधी परिक्रमा ही करते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
To Top