बाल संसद के गठन के लिए प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मंत्री, पर्यावरण एवं संस्कृति मंत्री तथा खेल मंत्री के पदों पर मतदान कराया गया।
रायगढ! विकासखंड रायगढ़ के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों को लोकतंत्र की कार्यप्रणाली से व्यवहारिक रूप से परिचित कराने के उद्देश्य से एक जुलाई से संचालित बाल संसद गठन प्रक्रिया का शनिवार को गुप्त मतदान के साथ सफल समापन हुआ। विद्यालयों में लोकतंत्र का उत्सव देखने को मिला, जहाँ विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रधानमंत्री सहित पाँच प्रमुख पदों के लिए अपने प्रतिनिधियों का चयन किया।
बाल संसद के गठन के लिए प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मंत्री, पर्यावरण एवं संस्कृति मंत्री तथा खेल मंत्री के पदों पर मतदान कराया गया। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह लोकतांत्रिक स्वरूप देने के लिए प्रत्याशियों को पुस्तक, कलम, डस्टर, थर्मस सहित विभिन्न चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए। मतदान से पूर्व प्रत्याशियों ने अपने घोषणा-पत्र प्रस्तुत करते हुए विद्यालय में अनुशासन, स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे संकल्प विद्यार्थियों के समक्ष रखे। मतदान के दौरान विद्यालयों में वास्तविक चुनाव जैसा वातावरण देखने को मिला। प्रधान पाठक एवं शिक्षक निर्वाचन आयोग की भूमिका निभाते हुए पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराते रहे। चुनाव की पारदर्शिता और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के लिए संकुल शैक्षणिक समन्वयक तथा संकुल प्राचार्य भी विभिन्न विद्यालयों में उपस्थित रहकर सतत निगरानी करते रहे।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय पटेल ने कहा कि बाल संसद केवल प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व, संवाद कौशल तथा सामूहिक निर्णय लेने की समझ विकसित करने का सशक्त माध्यम है।
बाल संसद के गठन के लिए प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मंत्री, पर्यावरण एवं संस्कृति मंत्री तथा खेल मंत्री के पदों पर मतदान कराया गया। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह लोकतांत्रिक स्वरूप देने के लिए प्रत्याशियों को पुस्तक, कलम, डस्टर, थर्मस सहित विभिन्न चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए। मतदान से पूर्व प्रत्याशियों ने अपने घोषणा-पत्र प्रस्तुत करते हुए विद्यालय में अनुशासन, स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे संकल्प विद्यार्थियों के समक्ष रखे। मतदान के दौरान विद्यालयों में वास्तविक चुनाव जैसा वातावरण देखने को मिला। प्रधान पाठक एवं शिक्षक निर्वाचन आयोग की भूमिका निभाते हुए पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराते रहे। चुनाव की पारदर्शिता और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के लिए संकुल शैक्षणिक समन्वयक तथा संकुल प्राचार्य भी विभिन्न विद्यालयों में उपस्थित रहकर सतत निगरानी करते रहे।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय पटेल ने कहा कि बाल संसद केवल प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व, संवाद कौशल तथा सामूहिक निर्णय लेने की समझ विकसित करने का सशक्त माध्यम है।
